Skip to main content

मुझे अपनी मीठी-मीठी बातों में

मुझे अपनी मीठी-मीठी बातों में घुमाते हुए ऐसे स्थान पर लाकर छोड़ देती हो मैं समझ नहीं पाता हूं कब इस दिल को तोड़ देती हो


हम चाहते हैं तुम्हारे हर प्रश्न का उत्तर सही दे सकें मगर फिर भी त्रुटि हो जाती है

मन की ख्वाहिश है तुमसे प्यार का जरिया मिले एक दरिया मिले जहां अपने चाहतों का इजहार हो सके 

Shayari sangrah Gorakhpur

Comments